........PYAR Vs. COLLEGE STUDY........


प्यार का बोल bala vartman समय में बहुत ज्यादा है , आज कल प्यार तो mahej एक shauk bankar रह gya है ! इस jhoothe प्यार में no yuvak itana tallin हो हो गए है की उनको shiksha के बारे में sochane का भी समय nikalana मुश्किल हो गया है ,
आज nao yuvak इस jhoothe प्यार jiski buniyad bhog पर राखी हुई है , में पढ़ कर shiksha को khote जा रहे है inko तो प्यार का vastavik arth भी नहीं पता है shiksha हमारे jivan में sadgun laati है siksha के द्वारा ही हम samjhte हैं की प्यार vastaw में है क्या isse के द्वारा ही manushy vivekvan banata है jisse की usme achchha bura samjhne की chhmata utapann होती है vivekvaan manushy ही प्यार का vashtvik arth samjh sakata है , प्यार की utapatti ही siksha से हुई है siksha के द्वारा ही हमारे shabhyata और sanskrati का vikash हुआ है , प्यार vahi manushy कर सकता है जो प्यार का vashtavik arth janta हो और प्यार के vashtvik arth का gyan vivek के द्वारा ही होता है और vivek का vikash siksha के द्वारा होता है ath siksha ही shreshth है प्यार तो sikha की utapatti है
प्यार का vastvik arth bhog नहीं tyag है और tyag एक vivekvan manushy ही कर सकता है
1 aadhunik प्रेम , प्रेम नहीं apitu bhog है और इस adhunik प्यार पर जो भी guman karata है voh murkh है , ath प्यार को नहीं siksha को अपने dilo dimag में basana chahie jiske पास vivek होगा vahi प्यार का vastvik arth समझ paega और sachcha premi बन paega kyuki siksha ने ही हमारे sanskrati और sbhyata को vikshit किया है एक vivek वन manushya ही सबसे प्यार से बात karega sabko प्यार से dekhega irshya और dwesh उस पर havi नहीं हो paenge ath हमें siksha पर dhyan dena chahie हमारे jivan के vikash hetu siksha mahatwpurn है